क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि एग्जाम से ठीक पहले आपके हाथ-पैर कांपने लगे हों, या फिर जॉब इंटरव्यू से पहले हथेलियों में पसीना आने लगा हो? असल में ये किसी बीमारी का संकेत नहीं हैं बल्कि किसी बड़े इवेंट से पहले ये खुद को तैयार करने का शरीर का अपना तरीका है। दिमाग से आने वाले ये संकेत इवेंट शुरू होते ही जितनी तेजी से उठे थे उतनी ही तेजी से शांत भी हो जाते हैं। धीरे-धीरे सांसों की गति और हृदय गति सामान्य होने लगती है। ये चिंताएं असल में बुरी न होकर अच्छी हैं, जो हमें किसी भी इवेंट के लिए तैयार होने में मदद करती हैं। लेकिन अगर ये चिंता बिना किसी स्पष्ट कारण के होने लगे, तब जरूर ये चिंता की बात हो सकती है। कई लोगों में ये समस्या चरम पर पहुंचने के बाद उनके रोजमर्रा के कामों और उनकी जिंदगी को प्रभावित करने लगती है। ऐसी हालत में इसे चिंता रोग या एंग्जाइटी डिसऑर्डर (Anxiety Disorders) कहा जा सकता है। इस आर्टिकल में मैं आपको चिंता और डिसऑर्डर में अंतर, एंग्जाइटी क्या है (what is anxiety in hindi), एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण (anxiety ke lakshan), एंग्जाइटी डिसऑर्डर का कारण (ca...